आईटीबीपी जवान की मां का हाथ कोई नहीं रखना चाह रहा अपने पास, कैसे होगी जांच?
प्रमुख संवाददाता, जून 6 -- UP News : फिल्म शोले में गब्बर सिंह की ख्वाहिश ठाकुर का हाथ हासिल करने की थी। कानपुर में कहानी इससे भी ज्यादा विचित्र है। यहां एक कटा हुआ हाथ ऐसा है, जिसे कोई अपने पास रखना ही नहीं चाहता। मेडिकल कॉलेज, पुलिस इससे पिंड छुड़ाना चाह रहे हैं। मानो सबकी जुबान पर एक ही संवाद हो, ये हाथ मुझे न दो 'ठाकुर'। यह हाथ किसी फिल्मी किरदार का नहीं, बल्कि आईटीबीपी जवान की मां का है, जिसका कटा हुआ हाथ अब चिकित्सा और प्रशासनिक तंत्र के बीच सवालों का विषय बन गया है। मामला पुराना होने के बाद भी हैरानी यह है कि इस हाथ की जांच को लेकर विभागों के बीच जिम्मेदारी तय नहीं हो रही है। कहीं इसे सामान्य हिस्टोपैथोलॉजी का मामला बताया जा रहा है तो कहीं फॉरेंसिक जांच की जरूरत बताई जा रही है। नतीजा यह कि जिस कटे हुए हाथ से पूरे मामले की सच्चाई सा...
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