नई दिल्ली, नवम्बर 23 -- नई दिल्ली, कार्यालय संवाददाता। रोहिणी जिला अदालत ने चेक बाउंस के मामले में आरोपी को दोषी करार दिया है। न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी संयम जैन ने कहा कि सबसे निर्णायक सबूत आरोपी अजय गुप्ता का अपना आयकर रिटर्न (आईटीआर) रहा। इसके आधार पर अजय को एनआई अधिनियम की धारा 138 के तहत दोषी ठहराया गया। मामला कंप्यूटर पार्ट्स कारोबारी अंशुल जैन और अजय गुप्ता से जुड़ा है। शिकायतकर्ता अंशुल ने अदालत को बताया कि उसने अजय को लैपटॉप और कंप्यूटर पार्ट्स की आपूर्ति के लिए करीब 19.46 लाख रुपये एडवांस दिए, लेकिन न तो सामान मिला और न ही पूरी रकम लौटाई गई। बाद में बकाया लगभग 15 लाख रुपये चुकाने के लिए अजय ने एक चेक दिया, जो जनवरी 2017 में बैंक में बाउंस हो गया। अजय ने अदालत में बचाव किया कि उसने केवल शिकायतकर्ता की मदद के लिए साइन की हुई...