नई दिल्ली, अगस्त 5 -- दिल्ली हाईकोर्ट ने बुधवार को केंद्र सरकार से एक जनहित याचिका पर जवाब मांगा है, जिसमें उन मामलों में टीडीएस के लिए ऑटोमैटिक रिफंड मैकेनिज्म शुरू करने की मांग की गई है, जहां लोगों पर कोई इनकम टैक्स देयता नहीं है। उन्हें इनकम टैक्स रिटर्न (आईटीआर) दाखिल करने की जरूरत नहीं है। मुख्य न्यायाधीश देवेन्द्र कुमार उपाध्याय व न्यायमूर्ति तेजस करिया की एक पीठ ने आकाश गोयल द्वारा दाखिल याचिका पर नोटिस जारी किया है। केंद्र को अपना जवाब दाखिल करने के लिए समय दिया। मामले को आगे की सुनवाई के लिए 6 नवंबर को सूचीबद्ध किया गया है। जनहित याचिका में इनकम टैक्स एक्ट, 2025 की धारा 433 के तहत जरूरत को चुनौती दी गई है, जो रिफंड क्लेम करने के लिए इनकम टैक्स रिटर्न दाखिल करना जरूरी बनाता है, भले ही आयकरदाता पर कोई टैक्स देयता न हो और उसे रिटर्न...