नई दिल्ली, अक्टूबर 13 -- लिवर एंड बाइलरी साइंसेज संस्थान (आईएलबीएस) ने जनवरी 2024 में व्यक्तिगत रक्तदाता न्यूक्लिक एसिड परीक्षण (नैट) शुरू करने के बाद से 30,000 से अधिक रक्तदाताओं के नमूनों की जांच की है। संस्थान के अनुसार, यह दिल्ली सरकार का एकमात्र अस्पताल है जहां व्यक्तिगत रक्तदाता-नैट जांच की जा रही है। इस तकनीक का उद्देश्य रक्त चढ़ाने से फैल सकने वाले संक्रमणों का पहले पता लगाकर रक्त और रक्त घटकों की सुरक्षा बढ़ाना है। नैट जांच से एचआईवी-1, एचआईवी-2, हेपेटाइटिस बी और हेपेटाइटिस सी जैसे वायरस की आनुवंशिक सामग्री का पता लगाया जाता है। सामान्य सीरोलॉजिकल जांच में एंटीबॉडी या पी24 एंटीजन की पहचान की जाती है, जबकि नैट संक्रमण के शुरुआती चरण में ही वायरस का पता लगा सकता है। इससे वह अवधि कम हो सकती है, जब संक्रमित रक्तदान की जांच में संक्रम...