वाराणसी, अगस्त 12 -- वाराणसी, कार्यालय संवाददाता। आईएमएस बीएचयू के कॉर्डियोलॉजी विभाग में लोग गर्भस्थ शिशु के दिल की धड़कन की रफ्तार, उसमें छेद और उसके वॉल्व का सिकुड़न के बारे में जान सकेंगे। यह काम इकोकार्डियोग्राफी लैब और फीटल इकोकार्डियोग्राफी मशीन करेगी। कुलपति प्रो. अजित कुमार चतुर्वेदी ने मंगलवार को विभाग में अत्याधुनिक सिस्टम का शुभारंभ किया। उन्होंने आईएमएस में जटिल हृदय रोगों के उपचार की संस्थागत क्षमता विकसित करने पर जोर दिया। कुलपति ने कहा कि किसी चिकित्सा केंद्र की प्रतिष्ठा बड़ी संख्या में मरीजों के इलाज से नहीं, बल्कि गुणवत्तायुक्त उपचार और जटिलता में अपनाई जाने वाली नवीन प्रक्रियाओं से बढ़ती है। आईएमएस बीएचयू के निदेशक प्रो. एसएन संखवार ने कहा कि गर्भस्थ शिशु के दिल की धड़कन की रफ्तार, उसमें छेद और उसके वॉल्व का सिकुड़न की...