फरीदाबाद, मई 15 -- फरीदाबाद, अभिषेक शर्मा। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) द्वारा हाल ही में घोषित 12वीं कक्षा के परिणामों ने शिक्षा विशेषज्ञों और अभिभावकों की चिंता बढ़ा दी है। जिले के कई मेधावी छात्र, जिन्होंने 10वीं कक्षा में 94 से 95 प्रतिशत तक अंक हासिल किए थे, इस बार 12वीं में 85 प्रतिशत या उससे कम अंकों तक सिमट गए। विशेषज्ञों का मानना है कि आईआईटी, नीट और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी का बढ़ता दबाव अब बोर्ड परीक्षा परिणामों पर भारी पड़ने लगा है। विशेषज्ञों के अनुसार मेडिकल और नॉन मेडिकल दोनों वर्गों के विद्यार्थियों के कुल प्राप्तांकों में इस बार गिरावट दर्ज की गई है। हर वर्ष 12वीं कक्षा के परिणाम में मेडिकल और नॉन मेडिकल के छात्रों का दबदबा रहता था। इसका सबसे बड़ा कारण छात्रों का स्कूल पाठ्यक्रम की बजाय प्रतियोगी परी...