वाराणसी, जनवरी 21 -- वाराणसी। आईआईटी बीएचयू और आईएमएस बीएचयू के शोधकर्ताओं ने गहरे मांसपेशीय घावों के उपचार एवं त्वचा की फोटो-सुरक्षा के लिए एक नवीन प्रकृति-प्रेरित प्रोटीन-मेथी आधारित बायोमैटेरियल विकसित किया है। यह अत्याधुनिक तकनीक अब क्लिनिकल परीक्षण की दिशा में अग्रसर है। इस अंतर-विषयी शोध परियोजना का नेतृत्व डॉ. अवनीश सिंह परमार (आईआईटी बीएचयू) एवं प्रो. वैभव जैन (आईएमएस बीएचयू) द्वारा किया गया। टीम द्वारा विकसित एवं पेटेंट कराया गया यह जैव-संयोजित पदार्थ ऊतक पुनर्जनन को तीव्र करता है, हानिकारक पराबैंगनी (यूवी) किरणों से त्वचा की रक्षा करता है तथा इसमें प्रभावी एंटीमाइक्रोबियल गुण भी विद्यमान हैं। इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए आईआईटी (बीएचयू) के निदेशक प्रो. अमित पात्रा ने कहा कि यह शोध कार्य आईआईटी (बीएचयू) में हो रहे उच्च...