वाराणसी, मार्च 10 -- वाराणसी, वरिष्ठ संवाददाता। आईआईटी बीएचयू के शोधकर्ताओं ने देश के अग्रणी संस्थानों के साथ मिलकर अल्जाइमर्स रोग की प्रारंभिक स्तर पर ही पहचान करने की नई तकनीक ईजाद की है। 'थेरोनॉस्टिक' नामक इस तकनीक से दिमाग में जमा हो रहे उन हानिकारक प्रोटीन का काफी पहले ही पता लगा लिया जाएगा, जो अल्जाइमर्स के लिए जिम्मेदार हैं। इससे सही उपचार संभव हो सकेगा। इस अनुसंधान को अंतरराष्ट्रीय पत्रिका 'नेचर कम्युनिकेशन' में प्रकाशित किया गया है। आईआईटी बीएचयू के फार्मास्यूटिकल इंजीनियरिंग ऐंड टेक्नोलॉजी विभाग के डॉ. ज्ञान प्रकाश मोदी के मार्गदर्शन में शोधार्थी हिमांशु राय के नेतृत्व में एक बहुविषयी शोध दल ने यह अध्ययन किया। इस शोध में राष्ट्रीय प्रतिरक्षा विज्ञान संस्थान की डॉ. सारिका गुप्ता, एम्स नई दिल्ली के डॉ. सरोज कुमार, आईआईटी बीएचयू के...
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