नई दिल्ली, मार्च 22 -- नई दिल्ली, का. सं.। हाईकोर्ट ने वर्ष 2018 में ताक-झांक करने और महिला का पीछा करने के आरोपों से जुड़े एक आइसक्रीम विक्रेता के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी रद्द कर दी है। अदालत ने दोनों पक्षों के बीच हुए समझौते को स्वीकार करते हुए न केवल मामले को समाप्त किया, बल्कि विक्रेता के सद्भावनापूर्ण व्यवहार की सराहना भी की। न्यायमूर्ति सौरभ बनर्जी की पीठ ने आदेश में कहा कि जब पक्षकारों के बीच स्वेच्छा से समझौता हो चुका है, तो प्राथमिकी को जारी रखना निरर्थक होगा। मामला 20 जनवरी 2018 को मॉडल टाउन थाने में दर्ज केस से जुड़ा था।

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