नई दिल्ली, मार्च 7 -- जिंदगी जब सबसे कड़े इम्तिहान लेती है, तो अक्सर इंसान टूटकर बिखर जाता है। लेकिन जो उन मुश्किलों की आग में तपकर, अपने आंसुओं को अपनी ढाल बनाकर बाहर निकलता है, वही असल मायने में इतिहास रचता है। बिहार के किशनगंज शहर की रहने वाली जूही दास की कहानी भी कुछ ऐसी ही है, जिसे सुनकर किसी की भी आंखें नम हो जाएं और सीना फख्र से चौड़ा हो जाए। देश की सबसे कठिन और प्रतिष्ठित यूनियन पब्लिक सर्विस कमीशन (UPSC) परीक्षा में जूही दास ने शानदार कामयाबी हासिल करते हुए 649वां रैंक हासिल किया है। जूही की यह सफलता महज एक परीक्षा पास करने की खबर नहीं है, बल्कि यह कहानी है एक बेटी के उस अदम्य साहस की, जिसने अपने पिता की चिता की राख ठंडी होने से पहले ही अपने सपनों की उड़ान भर ली। यह कहानी इस बात का भी जीता-जागता सबूत है कि अगर आपके हौसलों में जान...
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