सहरसा, मार्च 23 -- सिमरी बख्तियारपुर, एक प्रतिनिधि। प्रखंड क्षेत्र में शुक्रवार की संध्या आई तेज आंधी और जोरदार बारिश ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया। अनुमंडल के तीनों प्रखंडों में हजारों एकड़ में लगी मक्का और गेहूं की फसल बर्बाद हो गई, जिसमें सबसे ज्यादा नुकसान मक्का को हुआ है। कई जगहों पर मक्का की फसल पूरी तरह चौपट हो गई है। कोसी इलाके में मक्का को पीला सोना कहा जाता है। यहां बड़े पैमाने पर इसकी खेती होती है, क्योंकि यह नगदी फसल मानी जाती है और तैयार होते ही बाजार में अच्छी कीमत पर बिक जाती है। इसी कारण बड़ी संख्या में किसान मक्का की खेती पर निर्भर रहते हैं। सिमरी बख्तियारपुर, सलखुआ और बनमा इटहरी प्रखंडों में व्यापक स्तर पर मक्का की खेती होती है। आंधी-बारिश के कारण फसल बर्बाद होने से किसानों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। किस...