बदायूं, अप्रैल 6 -- पशु चिकित्सालय के पशु चिकित्साधिकारी डॉ. दीप वार्ष्णेय ने बताया कि शासन ने किसानों, पशुपालकों को लिए नई गाइड लाइन जारी की है। बताया, प्राकृतिक व मानव निर्मित आपदाओं-जैसे आकाशीय बिजली, भारी वर्षा, आंधी-तूफान, सर्पदंश, लू-प्रकोप, जल दुर्घटना, मानव-वन्यजीव संघर्ष आदि के कारण पशुधन की मृत्यु होने पर निर्धारित दरों से आर्थिक सहायता दी जाती है। डॉ. वार्ष्णेय के अनुसार, ऐसी किसी भी घटना के बाद पीड़ित को तत्काल स्थानीय लेखपाल या तहसील प्रशासन को सूचना देनी चाहिए। साथ ही 112, 101 या 1962 हेल्पलाइन नंबर पर भी जानकारी दी जा सकती है, ताकि समय से जांच और सहायता प्रक्रिया शुरू हो सके।

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