आरा, जुलाई 22 -- -जनतंत्र, शिक्षा और नागरिक अधिकारों के समर्थन में साहित्यकारों व सामाजिक कार्यकर्ताओं ने बुलंद की आवाज आरा, निज प्रतिनिधि। जंतर-मंतर पर चल रहे जनसंघर्स के समर्थन और अलोकतांत्रिक पुलिसिया कार्रवाई, शिक्षा व्यवस्था की दुर्दशा और शासन की असंवेदनशीलता के विरोध में सिविल सोसायटी आरा के तत्वावधान में चल रहा अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन बुधवार को तीसरे दिन भी जारी रहा। इस दौरान धरना स्थल प्रतिरोध की कविताओं और जनपक्षधर विचारों से गूंज उठा। यह भी पढ़ें- लाठीचार्ज के विरोध में स्याल्दे में भी फूटा गुस्साप्रतिरोध की कविताएँ कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण प्रतिरोध की कविताओं का पाठ रहा। साहित्यकारों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और युवाओं ने लोकतंत्र, सामाजिक न्याय, शिक्षा और नागरिक अधिकारों पर आधारित कविताओं का पाठ कर जनसंघर्ष के प्रति अपनी प्रत...