बोकारो, सितम्बर 28 -- चास बाईपास रोड स्थित झारखंड आंदोलनकारी संघर्ष मोर्चा के जिला कार्यालय में रविवार को जिलाध्यक्ष राजदेव माहथा की अध्यक्षता में बैठक हुई। उन्होंने कहा कि लंबे संघर्ष और शहीदों के बलिदान के बाद 15 नवंबर 2000 को झारखंड अलग राज्य बना, लेकिन 26 वर्ष बाद भी आंदोलनकारियों को अपेक्षित मान-सम्मान, पेंशन और राजकीय सुविधाएं नहीं मिल सकी हैं। उन्होंने कहा कि अलग राज्य के आंदोलन में आंदोलनकारियों ने अपनी जवानी और परिवार का समय कुर्बान किया। इसके बावजूद झारखंड के युवाओं का रोजगार के लिए दूसरे राज्यों में पलायन जारी है। मोर्चा ने स्थानीय युवाओं को रोजगार और आंदोलनकारियों के अधिकार दिलाने के लिए आंदोलन तेज करने का निर्णय लिया। यह भी पढ़ें- झारखंड बंद को लेकर 29 सितंबर को मशाल जुलूस निकालने का निर्णय बैठक में 29 सितंबर को प्रखंड स्तर प...