चतरा, जुलाई 1 -- इटखोरी, प्रतिनिधि। झारखंड आंदोलनकारी संघर्ष मोर्चा के महासचिव विनोद पांडेय ने कहा कि आंदोलनकारियों के बाल-बच्चों के अधिकारों की हकमारी हो रही है 2026 में सचिवालय में तृतीय एवं चतुर्थ की वैकेंसी में झारखंड अलग राज्य के आंदोलनकारियों आशिकों एवं पुत्र पुत्री के लिए के लिए अलग से कॉलम निश्चित नहीं किया गया है, यह दुर्भाग्य की बात है। जबकि 2025 की बहालियों में यह कॉलम निर्धारित था। उक्त बातें बुधवार को इटखोरी में प्रेस कांफ्रेंस के दौरान मोर्चा के महासचिव बिनोद पांडेय ने कही। उन्होंने कहा कि राज्य में सरकारी संकल्प का पालन एवं सरकार के अश्वासनों पर अमल नहीं होना दुर्भाग्य की बात है, बार-बार आंदोलनकारी छले जा रहे हैं अब आंदोलनकारी के बाल बच्चों की उपेक्षाएं किये जा रहे हैं जिसे आंदोलनकारी बर्दाश्त नहीं करेंगे. शीघ्र मुख्यमंत्री...