सिद्धार्थ, अप्रैल 6 -- डुमरियागंज, हिन्दुस्तान संवाद। दुनिया कहती है बिना आंखों के मंजिल नहीं मिलती है, लेकिन डुमरियागंज तहसील क्षेत्र के भारतभारी नगर पंचायत से ताल्लुक रखने वाले दोनों आंखों से दिव्यांग एक व्यक्ति ने यह साबित कर दिया की उड़ान आंखों से नहीं हौसलों से होती है। उस व्यक्ति के आंखों की रोशनी गायब है, जबकि वह दूसरों को उजाला देने का काम कर रहे। इसका नतीजा है कि भाजपा के सहयोग से शासन ने उन्हें नामित सभासद के रूप में इनाम देने का काम किया है। भारतभारी नगर पंचायत के वार्ड नंबर 12 दशरथ नगर के परसा इमाद में बेहद साधारण परिवार में जन्म लेने वाले पवनसुत मौर्य पुत्र स्व.लाल बहादुर की महज आठ साल की उम्र में आंखें खराब होने लगी। धीरे-धीरे दोनों आंखों की रोशनी पूरी तरह से गायब हो गई। इस बीच वह समाजसेवा से जुड़कर लोगों का सहयोग करते रहे। ...