नई दिल्ली, मई 24 -- बिहार के नवादा जिले के छोटे से गांव महुली में रहने वाले रवि राज ने UPSC सिविल सेवा परीक्षा 2025 ने ऑल इंडिया रैंक 20 हासिल किया है। मगर उनकी सफलता की कहानी सिर्फ एक रैंक की कहानी नहीं है। उनके यह संघर्ष, भरोसे, मां के त्याग और लगातार मेहनत की ऐसी मिसाल है जिसने लाखों युवाओं को नई उम्मीद दी है। हम ऐसा इसलिए कह रहे हैं क्योंकि दृष्टिबाधित रवि राज ने जिन कठिनाइयों का सामना कर यूपीएससी में शानदार रैंक हासिल की है वह काबीले तारीफ है। क्योंकि एक आम अभ्यर्थी अपनी परीक्षा को अपनी मेहनत और लगन के साथ हासिल करता है, मगर रवि की सफलता में उनकी मां भी साथी रहीं। क्लास 9 में शुरू हुआ था IAS बनने का सपना रवि राज का सपना किसी बड़े शहर के कोचिंग संस्थान में नहीं पैदा हुआ था। यह सपना तब शुरू हुआ जब वह स्कूल में पढ़ते थे। क्लास 9 के दौरा...