बदायूं, जनवरी 17 -- बिसौली। नगर के होली चौक मोहल्ले में मंदिर में चल रही रामकथा के सातवें दिन कथाव्यास देशपाल भारद्वाज ने भगवान श्री राम जी द्वारा अहिल्या जी के उद्धार की कथा सुनाई गई। कहा कि अहिल्या ऋषि गौतम की पत्नी थीं। वे अत्यंत पतिव्रता, धर्मपरायण और तपस्विनी नारी थीं। एक बार देवराज इंद्र ने छलपूर्वक ऋषि गौतम का वेश धारण कर अहिल्या जी के आश्रम में प्रवेश किया। सत्य का ज्ञान होने पर भी अहिल्या जी उस छल में फंस गईं। जब ऋषि गौतम को यह ज्ञात हुआ, तो वे अत्यंत क्रोधित हो गए और उन्होंने इंद्र को शाप दिया तथा अहिल्या जी को पत्थर बनने का शाप दिया। साथ ही यह वरदान भी दिया कि त्रेता युग में भगवान विष्णु के अवतार श्रीराम के चरण-स्पर्श से अहिल्या का उद्धार होगा। लंबे समय तक अहिल्या जी पत्थर रूप में वन में पड़ी रहीं। जब श्रीराम, माता सीता और लक्ष...
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