मेरठ, मार्च 3 -- हस्तिनापुर। कैलाश पर्वत रचना के मुख्य जिनालय में चल रहे 48 दिवसीय भक्तामर विधान एवं पाठ के 23वें दिन सोमवार को मंत्रोच्चारण पूर्वक भगवान आदिनाथ का अभिषेक तथा शांतिधारा की गई। सौधर्म इंद्र बनकर स्वर्ण कलश से अभिषेक महेंद्र जैन, अर्पित जैन, शांतिधारा विधानाचार्य ने की। आरती का दीपक कुसुमलता जैन ने प्रज्ज्वलित किया। विधान के मध्य मुनि भाव भूषण महाराज ने कहा कि आज हिंसा का चारों ओर आतंक है। ऐसी हिंसा को शांत करने के लिए भगवान महावीर का बताया हुआ अहिंसा का मार्ग ही सर्वश्रेष्ठ मार्ग है। अहिंसा में ही मानव, प्रकृति और पूरे विश्व का कल्याण निहित है। सोमवार को 98 परिवारों ने विधान में भाग लेकर धर्मलाभ अर्जित किया। सायंकाल में भगवान आदिनाथ की आरती का दीप प्रज्ज्वलन गुरुकुल के छात्रों द्वारा किया गया। रात में भजन संध्या तथा सांस्कृ...