अहिंसा, अपरिग्रह और अनेकांत का संदेश देता है जैन धर्म: मुनि प्रमाण सागर
गिरडीह, मई 10 -- अहिंसा, अपरिग्रह और अनेकांत का संदेश देता है जैन धर्म: मुनि प्रमाण सागर युद्ध, आतंक और पर्यावरण संकट का समाधान है जैन दर्शन पीरटांड़, प्रतिनिधि। अहिंसा, अपरिग्रह, अनेकांत और आत्मोत्थान का संदेश देने वाला जैन धर्म पूरे विश्व के लिए अत्यंत प्रासंगिक बन गया है। जैन धर्म भारत के प्राचीनतम धर्मों में से एक है और यह केवल पूजा-पद्धति नहीं बल्कि जीवन को शुद्ध, शांत और समतामय बनाने वाला दर्शन है। उक्त बातें गुणायतन में साधनारत मुनि प्रमाण सागर जी महाराज ने शंका समाधान कार्यक्रम के दौरान कहीं।
अहिंसा जैन धर्म की सबसे बड़ी पहचान मुनि प्रमाण सागर ने जैन धर्म की चार प्रमुख विशेषताएं बताईं। कहा कि जैन धर्म की सबसे बड़ी पहचान अहिंसा है। अहिंसा केवल हत्या से नहीं, बल्कि मन, वचन और व्यवहार से भी किसी को पीड़ा न पहुंचाने की भावना है। जैन ...
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