मोतिहारी, जून 4 -- सदर अस्पताल में ऐसे केस हर महीने करीब एक दर्जन आते हैं। कोई पारिवारिक कारण से तो कोई लव अफेयर में धोखा मिलने से तो कुछ पति पत्नी की आपसी विवाद को लेकर। ऐसे केस में सरकार ने आत्म हत्या की कोशिश करने वाले को कानूनी भी बढ़ी राहत दी । ऐसे केस में पुलिस आत्म हत्या का प्रयास करने वाले को परेशान नहीं करेगी बल्कि समझाने का काम करेगी और कारण जानेगी। इसलिए ऐसे केस में सीधा इलाज के लिए सरकार या निजी अस्पताल में जा सकते हैं या ले जा सकते हैं। मानसिक रोग विशेषज्ञ डॉक्टर हेमंत कुमार बताते हैं कि लोगों में सहन शक्ति कम होती जा रही है। यह भी पढ़ें- आत्महत्या की कोशिश करने वालों की मानसिक सेहत की होगी जांच छोटी छोटी बात पर भी तनाव और डिप्रेशन में जाना बहुत बड़ा कारण बना हुआ है। दूसरा कारण नशा है जो आदमी को डिप्रेशन की ओर ले जा रहा है। ती...