किशनगंज, सितम्बर 6 -- किशनगंज। मां और नवजात की जिंदगी के लिए प्रसव का समय सबसे संवेदनशील होता है। सामान्य प्रसव की स्थिति में भी चिकित्सकीय निगरानी जरूरी है, जबकि प्रसव के दौरान जटिलता सामने आने पर कुछ मिनटों की देरी भी मां और बच्चे के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकती है। ऐसे में सुरक्षित मातृत्व केवल अस्पताल में प्रसव कराने तक सीमित नहीं, बल्कि समय पर जांच, जोखिम की पहचान, प्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मी की मौजूदगी और जरूरत पड़ने पर तत्काल जीवनरक्षक उपचार उपलब्ध होने से जुड़ा है। किशनगंज में मातृ स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के प्रयासों का असर अब स्वास्थ्य केंद्रों तक महिलाओं की बढ़ती पहुंच के साथ आंकड़ों में भी दिखाई दे रहा है।

संस्थागत प्रसव में वृद्धि राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण-6 (एनएफएचएस-6) के आंकड़ों के अनुसार जिले में संस्थागत प्रसव ...