उन्नाव, फरवरी 10 -- उन्नाव, संवाददाता। एक नई जिंदगी की उम्मीद सिर्फ कुछ ही घंटे जी सकी। कानपुर के एक निजी अस्पताल में वार्मर मशीन में आग लगने से नवजात बच्ची की मौत ने न सिर्फ परिवार को अंधकार में धकेल दिया बल्कि उन तमाम परिवारों के लिए भी चेतावनी बना दिया, जो अपने मासूम को सुरक्षित हाथों में सौंपते हैं। आपके अपने अखबार 'हिन्दुस्तान' की पड़ताल के दौरान शहर के कई अस्पतालों में भी फायर एक्सटिंग्विशर, होजरील और ऑटोमेटिक अलार्म तक नहीं मिले। जर्जर वायरिंग और खुले में रखे जेनरेटर जीवन को रोजमर्रा के जोखिम में डाल रहे हैं। यह हादसा केवल दुर्घटना नहीं बल्कि उन अस्पतालों की खामियों और सुरक्षा की अनदेखी का क्रूर आईना है, जहां मरीजों की जान अक्सर सिर्फ कागजों में ही सुरक्षित रहती है। जिले में इन दिनों हर गली नुक्कड़ पर एक निजी अस्पताल या क्लीनिक संचा...