पटना, जून 9 -- मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने स्वास्थ्य विभाग और संबंधित पदाधिकारियों को निर्देश दिया है कि एईएस के लगभग 80% मामले सुबह चार से छह बजे के बीच सामने आते हैं। इसलिए इस अवधि में सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों और अस्पतालों में डॉक्टरों और पैरामेडिकल कर्मियों की शत-प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित की जाए। इसकी नियमित मॉनिटरिंग होगी और लापरवाही बरतने वाले स्वास्थ्य कर्मियों पर सख्त कार्रवाई होगी। मुख्य सचिव की अध्यक्षता में मंगलवार को एक्यूट एन्सेफलाइटिस सिंड्रोम (एईएस/ चमकी बुखार) और जापानी इन्सेफलाइटिस (जेई) की रोकथाम तथा तैयारियों की समीक्षा के लिए राज्य कार्यबल समिति की बैठक हुई। मुख्य सचिव ने सभी जिलाधिकारियों और सिविल सर्जनों को निर्देश दिया कि वे स्वयं अस्पतालों का नियमित निरीक्षण करें। रेफरल ट्रांसपोर्ट व्यवस्था को पंचायत स्तर पर ...