अलीगढ़, जुलाई 24 -- अलीगढ़, वरिष्ठ संवाददाता। सरकारी अस्पतालों में आग से सुरक्षा के लिए करोड़ों रुपये खर्च कर अत्याधुनिक फायर फाइटिंग सिस्टम तो स्थापित कर दिए गए, लेकिन इन्हें संचालित करने के लिए प्रशिक्षित तकनीकी टीम ही नहीं है। मलखान सिंह जिला अस्पताल, जिला महिला अस्पताल और दीनदयाल अस्पताल में वार्ड, आईसीयू, ऑपरेशन थिएटर, कार्यालय और अन्य महत्वपूर्ण हिस्सों को स्मोक डिटेक्टर, फायर अलार्म, हाइड्रेंट लाइन, स्प्रिंकलर और पंपिंग सिस्टम से जोड़ा गया है। बावजूद इसके, किसी भी अस्पताल में ऐसा तकनीकी स्टाफ मौजूद नहीं है जो आपात स्थिति में पूरे सिस्टम को प्रभावी ढंग से संचालित कर सके। ऐसे में आग लगने की स्थिति में करोड़ों का सुरक्षा तंत्र केवल शोपीस बनकर रह जाने का खतरा है। लखनऊ और दिल्ली में हुईं अग्निकांड की घटनाओं के बाद शासन स्तर पर फायर सेफ्ट...