लखनऊ, अप्रैल 1 -- लखनऊ, वरिष्ठ संवाददाता।देवरिया निवासी लिवर की गंभीर बीमारी से पीड़ित बुजुर्ग को समय पर इलाज नहीं मिला। अस्पतालों के चक्कर काटने में उनकी जिंदगी चली गई। परिवारीजनों का आरोप है कि गोरखपुर से लेकर लखनऊ के कई अस्पतालों में वेंटिलेटर को लेकर भटकते रहे। इसमें मरीज का कीमती समय गुजर गया। बलरामपुर अस्पताल में मरीज को बड़ी मुश्किलों में आईसीयू में बेड मिला। इलाज के कुछ समय बाद ही मरीज की सांसें थम गईं।देवरिया निवासी पारथ नाथ पांडेय (65) को सांस लेने में तकलीफ थी। पीलिया भी था। परिवारीजनों ने पहले उन्हें गोरखपुर के निजी अस्पताल में भर्ती कराया था। हालत में कोई सुधार नहीं हुआ। परिवारीजन बुधवार को मरीज को लेकर केजीएमयू ट्रॉमा सेंटर पहुंचे। वहां करीब एक घंटे तक मरीज एंबुलेंस में तड़पता रहे। डॉक्टरों ने वेंटिलेटर खाली न होने की बात कह...