रांची, जुलाई 2 -- रांची। विशेष संवाददाता झारखंड हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए स्पष्ट किया है कि अस्थायी कर्मचारी भी पेंशन के हकदार हैं। केवल सेवा नियमित (रेगुलर) नहीं होने के आधार पर किसी कर्मचारी को पेंशन और अन्य सेवानिवृत्ति लाभों से वंचित नहीं किया जा सकता। जस्टिस दीपक रोशन की अदालत ने अपने फैसले में कहा है कि यदि किसी कर्मचारी ने वर्कचार्ज या अस्थायी स्थापना में 15 वर्ष से अधिक सेवा दी है, तो वह पेंशन का हकदार है। अदालत ने भवन निर्माण विभाग के सेवानिवृत्त कर्मचारी परमेश्वर साह की पूरी 30 वर्ष की सेवा को पेंशन के लिए जोड़ने का निर्देश देते हुए सरकार को आठ सप्ताह के भीतर सभी सेवानिवृत्ति लाभों का भुगतान करने का आदेश दिया है。 यह भी पढ़ें- झारखंड के पारा टीचर्स को हाई कोर्ट से बड़ी राहत, अब संविदा सेवा भी पेंशन से जुड़ेगीपार्...