शाहजहांपुर, मई 4 -- दूषित पर्यावरण, धूल-धुआं और बढ़ते प्रदूषण के बीच अस्थमा के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। मेडिकल कॉलेज में इन दिनों अस्थमा मरीजों की संख्या में तेजी से इजाफा हो रहा है। यहां प्रतिदिन 50 से अधिक मरीज सांस लेने में तकलीफ, खांसी और सीने में जकड़न की शिकायत लेकर पहुंच रहे हैं। कई मरीजों की हालत इतनी गंभीर हो रही है कि वे दम तोड़ने की स्थिति तक पहुंच जा रहे हैं। यह भी पढ़ें- किशनगंज : अस्थमा रोग : समय पर इलाज जरूरी, वरना हो सकता है जानलेवाअस्थमा की बीमारी मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. राजेश कुमार ने बताया कि अस्थमा एक दीर्घकालिक बीमारी है, जो श्वास नलिकाओं में सूजन के कारण होती है। इसके चलते मरीज को सांस लेने में परेशानी, खांसी, सीने में जकड़न और घरघराहट जैसी दिक्कतें होती हैं। बदलते मौसम, धूल-धुआं, प्रदूषण और एलर्जी इ...