भागलपुर, जनवरी 26 -- कहलगांव, निज प्रतिनिधि कहलगांव के गंगा तटीय क्षेत्रों में रविवार संध्या अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य अर्पित कर चार दिवसीय ठाढ़ी व्रत का विधिवत समापन हुआ। ग्रामीणों के अनुसार व्रत की शुरुआत पहले दिन कद्दू की सब्जी, कुलथी दाल और भात के पारण से हुई। दूसरे दिन व्रतियों ने सकरकंद व रसिया का सेवन कर पूजा-पाठ किया। इसके बाद दो दिन का निर्जला उपवास रखा गया। अंतिम दिन व्रती सूर्योदय से संध्या तक खड़े रहकर व चलते हुए व्रत का पालन करते रहे। संध्या समय गंगा तट पर जल में खड़े होकर विधिवत पूजा-अर्चना की गई और स्ताचल सूर्य को अर्घ्य देकर व्रत का समापन किया गया। किसनदासपुर के पूर्व मुखिया निशिकांत मंडल सहित अन्य व्रतियों ने ठाढ़ी व्रत की परंपरा व महत्व पर प्रकाश डाला।
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