सीतामढ़ी, मार्च 24 -- सीतामढ़ी, हिन्दुस्तान संवाददाता। भक्ति, आस्था व शुद्धता का प्रतीक चैती छठ महापर्व जिले में श्रद्धा के साथ मनाया जा रहा है। चार दिनों तक चलने वाले पर्व के दूसरे दिन सोमवार को खरना का अनुष्ठान पूरा किया गया। नहाए खाय से शुरुआत करने वाली व्रती अब 36 घंटे के निर्जला उपवास का संकल्प लिया। वहीं मंगलवार की शाम व्रती अस्त होते हुए सूर्य को अर्घ्य देगी। जबकि बुधवार की सुबह उदयमान सूर्य को अर्घ्य देकर व्रत का समापन करेंगी। नहाय खाय के बाद छठ पर्व के दूसरे दिन व्रतियों ने खरना को सूर्योदय से सूर्यास्त तक निर्जला व्रत रखा। यह पर्व शरीर, मन व आत्मा की शुद्धि का प्रतीक माना गया है। व्रती संध्या के समय मिट्टी के नए चूल्हे पर आम की लकड़ी से प्रसाद बनायी। इसमें गमढी के चावल, गुड़ व दूध से खीर बनायी। फिर पीसा हुआ गेहूं के आंटे की रोटी का...
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