जमशेदपुर, फरवरी 17 -- सिदो कान्हू जाहेरगाढ़ खुखड़ाडीह के प्रांगण में रविवार को आदिवासी सोशियो एजुकेशन एंड कल्चरल एसोसिएशन (असेका) झारखंड के 59वें वार्षिक सम्मेलन के दूसरे दिन का छठा सत्र कविता और कहानी को समर्पित रहा। बोयला सोरेन ने अपनी रचना खेल और दूसरी रचना अबो लेंगे चेदाग नोंका सुनाई। दूसरे रचनाकार बिकोल बेसरा ने कहानी नेल-तेनाग का पाठ किया। अंत में मोहन हांसदा ने एक कविता सुनाई। रबिलाल बेसरा ने अपनी रचना ओनोलिया में साहित्यकारों को सराहा। प्रो. लखाई बास्के ने संताली साहित्य में गद्य-पद्य को विस्तृत रूप में रखा। मान सिंह मांझी ने साहित्य में युवाओं को आगे आने के लिए प्रेरित किया। समापन शिक्षाविद शोभानाथ बेसरा के पाठ से हुआ। असेका के महासचिव शंकर सोरेन ने सचिवीय रिपोर्ट पेश की। सातवां सत्र संताली साहित्य में महिलाओं की भूमिका पर था। इस...