रुडकी, मई 17 -- असाही इंडिया ग्लास लिमिटेड फैक्ट्री में कर्मचारियों द्वारा पिछले पांच दिनों से चल रहा धरना-प्रदर्शन शनिवार शाम प्रबंधन और श्रमिक पक्ष के बीच समझौता होने के बाद समाप्त हो गया। दोनों पक्षों के बीच हुई महत्वपूर्ण वार्ता में सौहार्दपूर्ण माहौल में 17 प्रमुख बिंदुओं पर सहमति बनी, जिसके अनुपालन के लिए प्रबंधन और श्रमिक दोनों पक्ष बाध्य रहेंगे। बैठक में स्थानीय विधायक वीरेंद्र जाती और श्रमिक प्रतिनिधि वर्ष कुमार, शशांक, आशीष कुमार, ललित, शुभम राठौर और अक्षय कुमार मौजूद रहे। समझौते के तहत प्रतिष्ठान को गैर-इंजीनियरिंग उद्योग मानते हुए उत्तराखंड सरकार की अधिसूचना के अनुसार सभी श्रमिकों को निर्धारित न्यूनतम मजदूरी और देय भत्तों का भुगतान किया जाएगा। वेतन का निर्धारण महीने के 26 कार्य दिवसों के आधार पर होगा। फैक्ट्री में कार्यरत श्रम...