लखनऊ, जून 13 -- केजीएमयू में कथित दवा घोटाला उजागर होने के बाद असाध्य योजना के तहत इलाज करा रहे हजारों मरीजों के सामने खड़ा हुआ संकट फिलहाल कम होता दिख रहा है। शनिवार को कुलपति डॉ. सोनिया नित्यानंद की अध्यक्षता में बैठक हुई। जिसमें फैसला लिया गया कि योजना में पंजीकृत मरीजों को एक बार की जांच और इलाज की धनराशि उनके खाते में भेजी जाएगी। इससे गंभीर बीमारियों से जूझ रहे मरीजों को तत्काल राहत मिल सकेगी। असाध्य योजना के तहत कैंसर समेत गंभीर बीमारियों के मरीजों को निशुल्क इलाज की सुविधा मिलती है। यह भी पढ़ें- केजीएमयू में असाध्य कार्ड नवीनीकरण न होने से इलाज फंसादवा खरीद में अनियमितताओं की जांच दवा खरीद में अनियमितताओं की जांच शुरू होने के बाद योजना का नवीनीकरण और इलाज की प्रक्रिया प्रभावित हो गई थी। डॉक्टर नए मरीजों का असाध्य कार्ड बनाने में कत...