प्रयागराज, जुलाई 23 -- प्रयागराज, अनिकेत यादव। इलाहाबाद विश्वविद्यालय के हिंदी विभाग ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी)-2020 के तहत स्नातक पाठ्यक्रम में बदलाव किया है। अब बीए के विद्यार्थी असगर वजाहत के चर्चित नाटक 'जिस लाहौर नइ देख्या' के स्थान पर भीष्म साहनी का नाटक 'कबीरा खड़ा बाजार में' पढ़ेंगे। पाठ्यक्रम में हिंदी साहित्य के इतिहास और विभिन्न विधाओं से जुड़ी कई नई रचनाओं को भी शामिल किया गया है। यह भी पढ़ें- Allahabad University: वजाहत नहीं, साहनी का नाटक पढ़ेंगे बीए के विद्यार्थी; हिंदी विभाग ने किए कोर्स में बदलावपाठ्यक्रम में बदलाव विभाग के प्रो. कुमार वीरेंद्र ने बताया कि हिंदी विषय के करीब 30 प्रतिशत पाठ्यक्रम में बदलाव किया गया है। यह बदलाव बोर्ड ऑफ बैचलरेट और फैकल्टी बोर्ड से पारित हो चुका है। इसी के तहत हिंदी विषय के बीए पाठ्यक...