गुमला, दिसम्बर 11 -- गुमला संवाददाता जिंदगी की न टूटे लड़ी, रक्तदान कर लो घड़ी दो घड़ी। इस भावना को सच करते हुए गुमला में रक्तदान के लिए चर्चित अशोक त्रिपाठी ने एक बार फिर मानवता का परिचय दिया। उन्होंने बुधवार को रांची के रिम्स अस्पताल में अपने मित्र घाघरा निवासी शैलेस सिंह की 11वर्षीय बेटी के लिए रक्तदान कर 122वीं बार महादान पूरा किया। अशोक त्रिपाठी का कहना है कि यदि जरूरत पड़ने पर भी किसी मित्र के काम न आ सके,तो हमारी जिंदगी बेकार है। उनकी यह संवेदनशीलता और निरंतर रक्तदान की परंपरा समाज के लिए प्रेरणा का स्रोत बनी हुई है।

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