नई दिल्ली, अप्रैल 1 -- :::::जनकपुरी मामला::: नई दिल्ली, कार्यालय संवाददाता। जनकपुरी बाइक हादसा मामले में द्वारका जिला अदालत ने आरोपी की कथित अवैध हिरासत को लेकर पुलिस के रुख पर गंभीर सवाल उठाए हैं। पश्चिम जिले के डीसीपी से मामले में हस्तक्षेप करने को कहा है।यह मामला कमल ध्यानी की मौत से जुड़ा है। पांच फरवरी की रात जनकपुरी इलाके में 15 फीट गहरे गड्ढे में गिरने से उनकी मृत्यु हो गई थी। न्यायिक मजिस्ट्रेट हरजोत सिंह औजला की अदालत ने कहा कि मामले में पुलिस की ओर से पेश किए गए तथ्यों में विरोधाभास है। ऐसे में उच्च स्तर पर हस्तक्षेप जरूरी है, ताकि सभी जरूरी साक्ष्य बिना देरी के अदालत के सामने रखे जा सकें।अदालत ने डीसीपी को नोटिस जारी कर मामले की व्यक्तिगत रूप से जांच करने और सभी संबंधित सीसीटीवी फुटेज व दस्तावेज पेश करने का निर्देश दिया है। अदा...