गढ़वा, अप्रैल 26 -- बिशुनपुरा, प्रतिनिधि। थाना क्षेत्र के पिपरी गांव स्थित बांकी नदी घाट इन दिनों बालू माफियाओं का अड्डा बन गया है। निर्माणाधीन पुल और श्मशान घाट के आसपास से प्रतिदिन सैकड़ों ट्रैक्टर बालू का अवैध उठाव बेरोक-टोक किया जा रहा है। हैरानी की बात यह है कि यह वही संवेदनशील स्थल है, जहां वर्ष 2017 में एक बड़े विवाद ने नरसंहार का रूप ले लिया था। बावजूद इसके प्रशासन की चुप्पी से ऐसी घटना की पुनरावृत्ति की आशंका बढ़ गई है। श्मशान घाट के समीप अंधाधुंध बालू खनन के कारण नदी का स्वरूप पूरी तरह बदल गया है। माफियाओं द्वारा करीब 10 फीट तक गहरे गड्ढे खोद दिए गए हैं। यह भी पढ़ें- बालू लदे ट्रकों का अवैध परिचालन रोकने की कवायद उससे वहां कुएं जैसी खतरनाक स्थिति बन गई है। यह न केवल पर्यावरण के लिए गंभीर खतरा है, बल्कि कभी भी बड़ी दुर्घटना का कार...