इटावा औरैया, जून 9 -- इटावा। कथित मो.गोरी के सेनापति शमसुद्दीन की वन विभाग की जमीन पर बनी मजार को पक्षकार खुद ही हटाने में जुट गए हैं। प्रशासन की ओर से मजार को हटाने की हिदायत दी गई थी। लायन सफारी के पास वन विभाग की जमीन पर मजार बनी हुई थी। वर्षों से बनी इस मजार पर उर्स जैसे कार्यक्रम होते थे। शासन से वन विभाग की जमीन पर अवैध तरीके से मजार बनी होने की शिकायत की गई थी। इसकी जांच के आदेश शासन से मिलने के बाद वन विभाग के प्राधिकारी न्यायालय की ओर से जांच हुई। मजार की देखरेख करने वाले फजले इलाही की ओर से कागज आदि प्रस्तुत किए गए लेकिन वे मालिकाना हक के नहीं थे। इससे वन प्राधिकारी के न्यायालय में लंबे समय तक सुनवाई हुई। पक्षकार मजार का मालिकाना हक साबित करने में विफल रहा। मुख्य वन संरक्षक न्यायालय में 13 मई को अपील की गई थी लेकिन 18 मई को अपील...