चित्रकूट, जनवरी 20 -- चित्रकूट, संवाददाता। रथ पर सवार होकर गंगा स्नान को तुलसी पीठाधीश्वर जगद्गुरु स्वामी रामभद्राचार्य ने शास्त्र विरुद्ध बताया है। उन्होंने कहा कि प्रयागराज में संगम स्नान करने जाते समय शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के साथ जो विवाद हुआ, उसके बारे में वह (शंकराचार्य) जानें और सरकार जाने। लेकिन शंकराचार्य को रथ पर बैठकर स्नान करने नहीं जाना चाहिए था। वह खुद ही शास्त्र के विरुद्ध रथ पर सवार होकर स्नान करने जा रहे थे। तुलसी पीठाधीश्वर ने मंगलवार को पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहा कि हम लोग खुद स्नान करने के लिए पैदल जाते हैं। शास्त्र विरुद्ध काम करने वालों को सुख, शांति और गति नहीं मिलेगी। इसलिए शास्त्र के विरुद्ध काम नहीं करना चाहिए। उन्होंने काशी के मणिकर्णिका घाट पर मूर्तियों के तोड़े जाने के मामले में कहा कि स्थापि...
Click here to read full article from source
To read the full article or to get the complete feed from this publication, please
Contact Us.