नई दिल्ली, जनवरी 21 -- प्रयागराज माघ मेला प्रशासन द्वारा स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के 'शंकराचार्य' संबोधन पर उठाए गए सवालों के जवाब में अब संत की ओर से तीखा पलटवार किया गया है। उनके अधिवक्ता अंजनी कुमार मिश्रा के माध्यम से प्रयागराज मेला प्राधिकरण के उपाध्यक्ष को एक कानूनी नोटिस भेजा गया है, जिसमें प्रशासन की कार्रवाई को न केवल अपमानजनक बताया गया है, बल्कि इसे माननीय सर्वोच्च न्यायालय (Supreme Court) की अवमानना करार दिया गया है। नोटिस में स्पष्ट रूप से मांग की गई है कि मेला प्रशासन द्वारा 19.01.2026 को जारी किए गए उस पत्र को 24 घंटे के भीतर वापस लिया जाए। अधिवक्ता का तर्क है कि प्रशासन का पत्र अविमुक्तेश्वरानंद की प्रतिष्ठा, गरिमा और सम्मान को ठेस पहुंचाने वाला है।'सुप्रीम कोर्ट की अवमानना' का दावा नोटिस में आरोप लगाया गया है कि यह पूरा मा...
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