बदायूं, जनवरी 4 -- बिसौली। हाजी बाबा खानकाह में अली-डे के मौके पर महफिल आयोजित की गयी। जिसमें शायरों और नोहाख्वानों ने हजरत अली की शान में मनकबत और कलाम पेश किए। जिसमें बड़ी संख्या में लोगों ने शिरकत की। हाजी बाबा खानकाह के सज्जादानशीन मोहम्मद सलीम खां ने चिराग रोशन किया। महफिल की शुरुआत तिलावत ए कुरआन से हुई। निजामत अभीक्ष पाठक आहत ने की। मशहूर शायर मशहूद खां हमदम बिसौलवी ने अली की शान में कहा मिदअत अली की और जुबां इस गुलाम की। हर गाम जरूरत है, जहां एहतराम की। उल्फत है मुस्तफा से अली से गुरेज है। अभीक्ष पाठक आहत ने पढ़ा तुम्हारे बिन अभी तक जी रहे हैं। मशकूर नजमी, डॉ.अमीरउद्दीन अमीर ने कहा जी हुजूरी से मिलती हैं अब पगड़ियां। राजा फिरोज ने आये हुये मेहमानों का शुक्रिया अदा किया। माजिद सलमानी, सूफी जरीफ अश्क, फहीम बिसौलवी, आलम बेग, हमजा बिसौ...