नई दिल्ली, मई 7 -- बच्चों के टिफिन से लेकर घर-घर में सुबह नाश्ते की टेबिल और कहीं तो दोपहर के लंच में भी खाई जाने वाली अलीगढ़ की कचौड़ी को भी वैश्विक पहचान मिल सकेगी। कचौड़ी ही नहीं बल्कि चमचम व डेयरी उत्पादों से जिले की पहचान उसके खास स्वाद से भी होगी। दरअसल प्रदेश सरकार ने 'एक जनपद एक व्यंजन' योजना को स्वीकृति दे दी है। योजना के तहत जिले के पारंपरिक व्यंजनों को नई पहचान दी जाएगी। इन व्यंजनों को आधुनिक तकनीक, बेहतर पैकेजिंग और ब्रांडिंग के जरिये देश-विदेश तक पहुंचाया जाएगा। कारीगरों और हलवाइयों को प्रशिक्षण और आर्थिक मदद भी मिलेगी। पुराना अलीगढ़ कचौड़ी का गढ़ कहा जाता है। यहां गली-गली, बाजार, चौक-चौराहे, पॉश कॉलोनियों में कचौड़ी की दुकानों व ढकेलों पर सुबह से ग्राहकों की भीड़ देखने को मिल जाती है। अब एक जिला एक व्यंजन योजना के तहत हलवाइय...