फतेहपुर, मार्च 2 -- बिंदकी। एसआईआर के काम में लगे बीएलओ ने पुत्री की शादी के लिए छुट्टी न मिलने की दशा में अलियाबाद गांव स्थित प्राथमिक विद्यालय में शादी के आठ दिन पूर्व फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। जिसके बाद सोमवार को कांग्रेसियों के प्रदेश प्रतिनिधि मंडल के साथ ही अन्य संगठनों के लोगों ने पहुंचकर हर संभव मदद का भरोसा दिलाया। साथ ही कांग्रेसियों ने मृतक आश्रितों को 50 लाख रुपये का मुआवजा व पत्नी को शिक्षा मित्र की नौकरी दिलाने की मांग की। बता दें कि गत शनिवार को अलियाबाद निवासी शिक्षामित्र अखिलेश सविता ने एसआईआर के दबाव में फांसी लगा थी, साथ ही एक सुसाइड नोट भी छोड़ा था जिसमें एसडीएम द्वारा पुत्री की शादी आठ मार्च को होने के बावजूद काम के लिए छुट्टी न दिए जाने का हवाला दिया गया था। सोमवार को प्रदेश अध्यक्ष अजय राय को मृतक के परिजनों से...