बांदा, मई 31 -- बांदा। मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेले अब महज औपचारिकता बनकर रह गए हैं। ऐसे में इन मेलों में पहले की तरह मरीजों की भीड़ भी नजर नहीं आ रही है। कई अस्पतालों में डाक्टर व फार्मासिस्ट मरीजों का इंतजार करते रहे। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में कहीं डाक्टर की नियुक्ति नहीं है तो कहीं पानी व छाया की व्यवस्था नदारद है। अस्पतालों में अफसरों के निरीक्षण के समय ही ओआरएस के पैकेट और आईवी फ्लूइड्स आलमारियों से बाहर निकाले जाते हैं। रविवार को आपके अपने हिन्दुस्तान अखबार ने मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेले को लेकर कई अस्पतालों की पड़ताल की तो अव्यवस्थाएं सामने आईं। ज्यादातर अस्पतालों में मरीजों को ओआरएस आदि नहीं नसीब हुआ। न्यू पीएचसी गुढ़ा में तो सुबह 11 बजे तक महज दो मरीज ही आए। अस्पताल में मरीजों के लिए हैंडपंप से निकलता बदबूदार पानी ही सहारा बना...