बागपत, मार्च 27 -- बड़ौत। जिस कड़ी मेहनत के साथ पढ़ाई कर डिग्री और मार्कशीट पाने का सपना छात्र देखते हैं, वह शायद कॉलेजों की बंद अलमारियों को देखकर धुंधला नजर आने लगा है। कुछ कॉलेजों में तो एक दो नहीं बल्कि करीब 30 वर्षों से आलमारियों में धूल फांक रहीं डिग्रियां अपनों के इंतजार में हैं। दरअसल, स्नातक, परास्नातक की ये वे डिग्री हैं, जिन्हें छात्रों को पढ़ाई पूरी करने के बाद ही ले जाना चाहिए था, लेकिन उन्हें इनकी जरूरत अभी समझ ही नहीं आ रही है। जिले के विभिन्न कॉलेजों में करीब 10 हजार डिग्रियां पड़ी हुई हैं जिन्हें छात्र ले नहीं जा रहे हैं। स्नातक व परास्नातक की पढ़ाई पूरी करने के बाद छात्र अपने जीवन में नया करने के लिए तैयार होते हैं। इस बीच मार्कशीट व डिग्री उनकी जीवन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। वर्तमान में सैंकड़ों छात्र ऐसे हैं, जिन्होंन...