जमशेदपुर, मई 31 -- आईआईटी खड़गपुर की प्रो. सुधा गोयल ने कहा कि वातावरण में फैले प्लास्टिक का उपयोग अलकतरा के विकल्प के रूप में किया जा सकता है, जो सड़कों को बनाने में उपयोग में आता है। सिर्फ यही नहीं, इसका उपयोग करके विभिन्न तरह के उत्पाद भी बनाए जा सकते हैं। वे एनआईटी जमशेदपुर में तीन-दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन (एसपीएमसीई) के दूसरे दिन बोल रही थीं। अन्य वैज्ञानिकों ने पर्यावरणीय प्लास्टिक से जुड़ी चुनौतियों और उनके समाधानों पर प्रकाश डाला। यूएसए स्थित दक्षिणी इलिनोइस विश्वविद्यालय के प्रो. प्रबीर कोली ने कहा कि कई जगहों पर मिट्टी कमजोर या भुरभुरी होती है, जहां बड़े भवन निर्माण में परेशानी होती है। इसलिए औद्योगिक कचरा उपयोग करके उसकी शक्ति बढ़ाई जा सकती है।

जैव-आधारित सड़क निर्माण पर दिया बल डॉ. अतासी दास (जीआर इन्फ्रा प्रोजेक्ट्स लिम...