हिन्दुस्तान टीम, फरवरी 22 -- उत्तर प्रदेश विधान परिषद के बजट सत्र के दौरान बस्ती जनपद से जुड़ा एक मामला सदन में चर्चा का विषय बन गया। जब शिक्षक नेता एवं एमएलसी ध्रुव कुमार त्रिपाठी ने बस्ती के जिलाधिकारी के सीयूजी नंबर पर फोन न उठाए जाने का मुद्दा सदन में उठाया। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों के साथ इस प्रकार का व्यवहार उचित नहीं है। सदन में बोलते हुए ध्रुव कुमार त्रिपाठी ने बताया कि उन्होंने किसी आवश्यक कार्य के सिलसिले में बस्ती के जिलाधिकारी को कई बार फोन किया। काफी देर तक घंटी बजती रही, लेकिन किसी ने फोन नहीं उठाया। बाद में जब कॉल रिसीव हुआ तो सामने वाले व्यक्ति ने स्वयं को डीएम का अर्दली बताया। एमएलसी ने अपना परिचय दिया, लेकिन अर्दली उनकी बात समझ नहीं सका और उलटा पूछ बैठा कि 'एमएलसी क्या होता है?' इस जवाब से सदन में कुछ देर के लिए हा...
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