दिल्ली, जुलाई 24 -- अरुणाचल प्रदेश ने परीक्षण के तौर पर एक गतिज ऊर्जा संयंत्र की स्थापना के लिए नार्वे के साथ एक समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं.यह तकनीक आधारभूत ढांचे का खर्च के साथ ही जमीन और पर्यावरण भी बचाएगी.अरुणाचल प्रदेश को देश में पनबिजली उत्पादन की राजधानी या पावरहाउस भी कहा जाता है.देश के पनबिजली उत्पादन की संभावित क्षमता करीब 58 हजार हजार मेगावाट होने का अनुमान है.इसमें से 40 फीसदी उत्पादन अकेले इसी राज्य में किया जा सकता है.हालांकि अब तक इसमें से करीब दो फीसदी का ही दोहन संभव हो सका है.राज्य सरकार ने पनबिजली उत्पादन को बढ़ावा देकर के लिए सरकार ने विकास की गति बढ़ाने और राष्ट्रीय ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने के लिए वर्ष 2025 से 2035 को "पनबिजली का दशक" घोषित किया है.इसे ध्यान में रखते हुए कई नई परियोजनाओं को अनुमति दी जा रही है.पनबि...