लखनऊ, मार्च 8 -- रायबरेली, संवाददाता। शनिवार की वह सुबह गहरौली गांव के किसी के लिए भी आम नहीं रही। अरुणाचल प्रदेश की पहाड़ी सड़क पर सेना का एक वाहन खाई में गिरा और उसमें सवार गांव का बेटा प्रदीप कुमार शर्मा हमेशा के लिए चला गया। खबर आते ही घर में दहाड़ मारकर रोना शुरू हो गया, पड़ोसी दौड़े आए और देखते-देखते पूरा गांव एक साथ रो रहा था। प्रदीप की उम्र 38 साल थी। 2010 में सेना की 19वीं सिख रेजीमेंट में गए थे। रामगढ़ में ट्रेनिंग की, मुंबई में नौकरी की और घर-परिवार की जिम्मेदारी निभाते हुए साल दर साल देश की सेवा में लगे रहे। शनिवार को डिब्रूगढ़ से काफिले के साथ नई जगह तैनाती के लिए निकले थे। रास्ते में अरुणाचल की सीमा में वाहन बेकाबू हो गया और खाई में जा गिरा। प्रदीप वहीं शहीद हो गए।रविवार की सुबह छह बजे कमांडिंग ऑफिसर का फोन आया। पिता रामनरेश...