नई दिल्ली, अक्टूबर 9 -- यहां की एक विशेष एनआईए कोर्ट ने शुक्रवार को कथित तौर पर इस्लामिक स्टेट में शामिल होने वाले अरीब मजीद पर यूएपीए के तहत टेरर फंडिंग का एक और आरोप तय किया। एनआईए द्वारा पांचवीं पूरक आरोप पत्र दाखिल करने के बाद, विशेष जज अभय जोगलेकर ने यूएपीए की धारा 17 (आतंकवादी गतिविधि के लिए फंड जुटाने की सज़ा) के तहत यह नया आरोप तय किया। अतिरिक्त आरोप के अनुसार, मजीद ने मई 2014 और अक्तूबर 2014 के बीच, प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन 'इस्लामिक स्टेट ऑफ इराक एंड द लेवंत' (आईएसआईएल) से जुड़े लोगों के ज़रिए संपर्क बनाकर एक कुवैती नागरिक से जान-बूझकर 1,000 अमेरिकी डॉलर प्राप्त किए और जमा किए। कोर्ट ने पाया कि कल्याण के रहने वाले 33 वर्षीय मजीद ने आईएसआईएल में शामिल होने के लिए यात्रा करने, हथियार और विस्फोटक चलाने की ट्रेनिंग लेने और फिदायीन ...